Saturday, May 31, 2008

ब्लागवाणी /चिट्ठाजगत - कृपया इस रहस्य को सुलझाए.

कल यानी दिनांक ३०-०५-०८ को सुबह नौ बजे के बाद से रात तकरीबन १० बजे के बीच मै नाहीं कंप्युटर पर बैठ सका और नाहीं कुछ लिख सका और नाहीं टिपण्णी कर सका. कहने का मतलब ये कि मैंने अपने ब्लॉग पर
log -in ही नही किया. फ़िर ये पोस्ट जवाब कैसे आई.

नहीं समझ पा रहा हूँ.

कोई इस रहस्य को सुलझा दे.

खैर.

पता चले या ना चले. उस गुमनाम मित्र के लिए मेरी तरफ़ से संदेश.

16 comments:

Gyandutt Pandey said...

अरे, ब्लॉगर हलकान "विद्रोही" अब न केवल टिप्पणियों में सिद्धहस्तता दिखा रहे हैं, वरन पोस्ट भी करने लग गये!

Rajesh Roshan said...

Change ur blogger password immediately.

Udan Tashtari said...

सोचिये मत-पासवर्ड बदलिए तुरंत.

आजकल तो लोग आपके आई पी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. :)

दिनेशराय द्विवेदी said...

अब तक तो बदल ही लिया होगा पासवर्ड।

mahendra mishra said...

ऊपर सभी ने कह दिया है अब कहने को कुछ बाकि नही धन्यवाद :)

Pramod Singh said...

उड़नजी तश्‍तरीजी सही फ़रमा रहे हैं.. पासवर्ड, पासवर्ड..

DR.ANURAG ARYA said...

kamal hai....

Mired Mirage said...

वाह ! कोई ऐसा भी कर सकता है ? मामला गंभीर है।
घुघूती बासूती

Sanjeet Tripathi said...

यदि वाकई ये पोस्ट आपने या आपके "किसी मित्र" ने नही लिखी तो कृपया अपने कंप्यूटर के सी ड्राईव को फ़ॉर्मेट करवाएं। संभव है कि ट्रोजन हों जिससे पासवर्ड किसी को जा रहा होगा।

बाल किशन said...

@ संजीत

पासवर्ड तो चेंज करदिया है.
अब ये ट्रोजन क्या बला है.
क्या घर और ऑफिस दोनों के कंप्युटर को फॉर्मेट करवाऊँ?
बड़ा विकट परिस्थति हो गई है.

दोबारा भी हो सकता है.
कोई स्थाई उपाय नहीं है क्या?

बाल किशन said...

एंटी वाइरस तो दोनों जगह लगे हुए हैं.

Sanjeet Tripathi said...

ई मेल कीजिए मुझे, आपकी ई मेल आई डी नही है मेरे पास!

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

एक बार देखिए की कही आपने कभी इस नाम से कोई टॉपिक ड्राफ्ट में सेव तो नही किया या फिर वो अपने आप सेव हो गया हो.. और शेड्यूल्ड ब्लॉग्गिंग से अभी पोस्ट हो गया हो.. पासवर्ड चुराने वाला व्यक्ति एक पोस्ट नही करेगा.. और स्पेमिंग अभी हिन्दी ब्लॉग्गिंग में इतनी सक्रिय नही है.. ज़रा याद कीजिए हो सकता है आप से ही कुछ ग़लती हुई हो.. वैसे सुरक्षा के लिए पासवर्ड भी बदल दीजिए.. हालाँकि मैं आसवश्त हू ये तकनीकी खामी है.. परेशन होने की आवश्यकता नही..

सागर नाहर said...

कुश जी की टिप्पणी की संभावनायें ज्यादा लगती है, ट्रोजन वायरस की वजह से पोस्ट होने लगे और वह भी हिन्दी में!!! असंभव।

pallavi trivedi said...

ab lagta hai...jaldi jaldi paasword change karna padega....

Lovely kumari said...

kush jee aur sagar jee se purn sahmati..